दर्शन

अमेरिका मा सनातनी संस्कृति लाई होच्याउने प्रबृत्ति बढ़े पछिको दुष्परिणाम

हाम्रो सनातनी संस्कृति मा घरमा खाना बनाउनु,बच्चालाई तेल लगाउनु, तरकारी मा मसाला हाल्नु, तुलसी मा जल चढाउनु जस्ता परंपरा लाई अमेरिकी र युरोपीयनहरुले अविकसित संस्कृति भनी खिल्ली उडाउने कार्य गर्न थाले जसको परिणाम आज देखिन थाले को छ। आंखा बन्द गरी पस्चिमा संस्कृति अपनाउनेहरुको लागि यो ठूलो चेतावनी हो ।1980 के दशक के प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्रियों ने अमेरिकी लोगों को चेतावनी कि यदि वे परिवार में भोजन बनाना छोड़कर आर्डर देकर बाहर से भोजन मंगवाऐंगे तो परिवार व्यवस्था धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी। पर उन्हें तो पुर्बी लोगों को निचा दिखाना था इसलिए करने लगे।साथ ही दूसरी चेतावनी दी कि…
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रिसाहा व्यक्ति ‘डिप्रेसन’ को चपेट मा ?

 सुमित्राकाठमाडौं । कुनै कुरामा चित्त नबुझ्दा मानिसलाई रिस उठ्छ । रिस एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया पनि हो जसले केही कुरा ठीक छैन भन्ने संकेत गर्छ । आफूले सोचेको जस्तो भएन भने वा अरूबाट आफूले चाहेजस्तो व्यवहार पाइएन भने कुनै पनि व्यक्तिलाई रिस उठ्छ ।आफूमा भएको तनाव र समस्यालाई मानिसले कुनै न कुनै माध्यमबाट बाहिर निकालिरहेको हुन्छ । त्यसमध्ये एक रिस पनि हो । तर कोही व्यक्ति सानो-सानो कुरामा पनि धेरै रिसाउँछ भने स्वास्थ्यको लागि हानिकारक बन्न सकिन्छ ।रिस उठ्नुमा बाह्य परिस्थिति र स्वभाव दुवै कारण हुने मनोविद् विनोद पौडेल बताउँछन् । धेरै रिसाउनेलाई एन्जाइटी र डिप्रेसनको जोखिम ध्वनि प्रदूषण, खानेकुरा, वातावरण…
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यस दुकान मा तपाई को योग्य केही वस्तु छ ?

प्रभु की दुकान एक दिन मैं सड़क पर जा रहा था। रास्ते में एक जगह बोर्ड लगा था ‘ईश्वरीय किरयाने की दुकान’। मेरी जिज्ञासा बढ़ गई। क्यों न इस दुकान पर जाकर देखें कि इसमें बिकता क्या है?जैसे ही यह ख्याल आया, दरवाज़ा अपने आप खुल गया। मैंने खुद को दुकान के अंदर पाया।ज़रा-सी जिज्ञासा रखते हैं तो द्वार अपने आप खुल जाते हैं। खोलने नहीं पड़ते। मैंने दुकान के अंदर देखा - जगह-जगह देवदूत खड़े थे। एक देवदूत ने मुझे टोकरी देते हुए कहा - मेरे बच्चे! ध्यान से खरीदारी करो।वहाँ वह सब कुछ था जो एक इंसान को…
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अपने नाथ पर विश्वास रखो ओ तुम्हें अनाथ नहीं होने देंगे

भक्त का मान 🙏 एक बार नरसी जी का बड़ा भाई वंशीधर नरसी जी के घर आया। पिता जी का वार्षिक श्राद्ध करना था।.वंशीधर ने नरसी जी से कहा :- 'कल पिताजी का वार्षिक श्राद्ध करना है। कहीं अड्डेबाजी मत करना बहु को लेकर मेरे यहाँ आ जाना। काम-काज में हाथ बटाओगे तो तुम्हारी भाभी को आराम मिलेगा।'.नरसी जी ने कहा :- 'पूजा पाठ करके ही आ सकूँगा।'.इतना सुनना था कि वंशीधर उखड गए और बोले :- 'जिन्दगी भर यही सब करते रहना। जिसकी गृहस्थी भिक्षा से चलती है, उसकी सहायता की मुझे जरूरत नहीं है। तुम पिताजी का श्राद्ध…
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प्राणवायु अक्सिजनको मोल अनमोल ?

प्राणवायु अक्सिजनको मोल अनमोल ?

इटलीमा श्वासप्रश्वास रोगले संक्रमित एक 93 बर्षीय बृद्ध अस्पतालबाट डिस्चार्ज हुन लाग्दा उसलाई अस्पतालको काउण्टर स्टॉफले एक दिनको वेंटिलेटर चार्ज बापतको बिल रू 500 यूरोको पूर्जी दियो,जो कि पहिलाको बीलमा कुनै कारणवश छुटेको थियो । त्यो बील हेर्ने बित्तिकै त्यो बुढा मान्छे रून थाल्यो ।उसलाई रुन लागेको देखेर डॉक्टरले त्यो बूढ़ो मान्छेलाई ढाढस दिदै भन्यो कि तपाईं न रुनुस, यदि तपाईं यो बील तिर्न सक्नुहुन्न भने केही हुन्न । अनी त्यो बुढा मान्छेले भनेको कुरा सुनेर सारा डाक्टर र स्टाफ रुन थाल्यो ।बुढाले भन्यो कि म यो बील तिर्नु पर्छ भनेर रुन लागेको होइन, म यो बील रकम तिर्न समर्थ…
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जब दुर्भाग्य सौभाग्य बनते हैं

जब दुर्भाग्य सौभाग्य बनते हैं

महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे; पर ऐसे समय में उनके पास एक ही संबल था जो कभी उन्हें आशाहीन नहीं होने देता था। मज़े कि बात ये है कि वो संबल किसी ऋषि-मुनि या देवता का वरदान नहीं बल्कि श्रवण के पिता का शाप था। दशरथ जब-जब दुःखी होते थे तो उन्हें श्रवण के पिता का दिया शाप याद आ जाता था। (कालिदास ने रघुवंशम में इसका वर्णन किया है) श्रवण के पिता ने ये शाप दिया था कि जैसे मैं पुत्र वियोग में तड़प-तड़प के मर रहा हूँ…
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जानकी मंदिर मा सीयाराम ज्यू को वैवाहिक कार्यक्रम को विभिन्न वैवाहिक विधिविधानहरु गरिदै

जानकी मंदिर मा सीयाराम ज्यू को वैवाहिक कार्यक्रम को विभिन्न वैवाहिक विधिविधानहरु गरिदै

जानकी मंदिर मा सीयाराम ज्यू को वैवाहिक कार्यक्रम को विभिन्न वैवाहिक विधिविधानहरु गरिदै
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जानकी मंदिर प्रांगण बाट मटकोरको लागि बाजा गाजा का साथ गंगासागर को प्रस्थान गरिदै

जानकी मंदिर प्रांगण बाट मटकोरको लागि बाजा गाजा का साथ गंगासागर को प्रस्थान गरिदै

जानकी मंदिर प्रांगण बाट मटकोरको लागि बाजा गाजा का साथ गंगासागर को प्रस्थान गरिदै गंगासागर को लागि प्रस्थान को क्रममा बाटोमा नाचगान सहित किसोरी ज्यूको साथमा साधु संत एवं भक्त जन को टोली
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