🌺सत्संग के फूल🌺
💐|| श्री हरि: ||💐 🌺सत्संग के फूल🌺 भगवान् ने केवल कल्याण के लिये मनुष्य शरीर दिया है | इसकी प्राप्ति के लिये तत्परता से लग जाना चाहिये |संसार का काम तो चलता रहेगा, रुकेगा नहीं | विशेष चेत करना चाहिये | परमात्मप्राप्ति वर्तमान का विषय है | इसमें समय का व्यवधान नहीं है | जैसे अन्न, जल, औषध खुद को ही लेना पड़ता है, ऐसे ही कल्याण भी खुद को करना है | भगवत्प्राप्ति की लगन लग जाय – ‘नारायन’ हरि लगन में, यह पाँचों न सुहात |विषय-भोग, निद्रा, हँसी, जगत-प्रीति बहुबात || भगवान् संसार के दुःख की परवाह नहीं…